श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.3.19

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

वैष्णवाश्‍च विरक्ताश्‍च न्यासिनो ब्रह्मचारिणः।

मुखभागे स्थितास्ते च तदग्रे नारदः स्थितः॥ १९

vaiṣṇavāśca viraktāśca nyāsino brahmacāriṇaḥ|

mukhabhāge sthitāste ca tadagre nāradaḥ sthitaḥ|| 19

अर्थ

श्रोताओंमें वैष्णव, विरक्त, संन्यासी और ब्रह्मचारी लोग आगे बैठे और उन सबके आगे नारदजी विराजमान हुए॥ १९॥

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