श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.3.39

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

उक्तं भागवतं नित्यं कृतं च हरिचिन्तनम्।

तुलसीपोषणं चैव धेनूनां सेवनं समम्॥ ३९

uktaṃ bhāgavataṃ nityaṃ kṛtaṃ ca haricintanam|

tulasīpoṣaṇaṃ caiva dhenūnāṃ sevanaṃ samam|| 39

अर्थ

नित्य भागवतका पाठ करना, भगवान्‌का चिन्तन करना, तुलसीको सींचना और गौकी सेवा करना—ये चारों समान हैं॥ ३९॥

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