vittaṃ tvaṃ matpateryaccha sa te dāsyati bālakam|| 53
अर्थ
तबतक तू गर्भवतीके समान घरमें गुप्तरूपसे सुखसे रह। तू मेरे पतिको कुछ धन दे देगी तो वे तुझे अपना बालक दे देंगे॥ ५३॥✎ 1569
तावत्कालं सगर्भेव गुप्ता तिष्ठ गृहे सुखम्।
वित्तं त्वं मत्पतेर्यच्छ स ते दास्यति बालकम्॥ ५३
तबतक तू गर्भवतीके समान घरमें गुप्तरूपसे सुखसे रह। तू मेरे पतिको कुछ धन दे देगी तो वे तुझे अपना बालक दे देंगे॥ ५३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.4.53 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 59) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/4/53/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)