श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.5.68

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

सर्वेषां पश्यतां भेजे विमानं धुन्धुलीसुतः।

विमाने वैष्णवान् वीक्ष्य गोकर्णो वाक्यमब्रवीत्॥ ६८

sarveṣāṃ paśyatāṃ bheje vimānaṃ dhundhulīsutaḥ|

vimāne vaiṣṇavān vīkṣya gokarṇo vākyamabravīt|| 68

अर्थ

सब लोगोंके सामने ही धुन्धुकारी उस विमानपर चढ़ गया। तब उस विमानपर आये हुए पार्षदोंको देखकर उनसे गोकर्णने यह बात कही॥ ६८॥

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