श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.5.85

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

अयोध्यावासिनः पूर्वं यथा रामेण संगताः।

तथा कृष्णेन ते नीता गोलोकं योगिदुर्लभम्॥ ८५

ayodhyāvāsinaḥ pūrvaṃ yathā rāmeṇa saṃgatāḥ|

tathā kṛṣṇena te nītā golokaṃ yogidurlabham|| 85

अर्थ

पूर्वकालमें जैसे अयोध्यावासी भगवान् श्रीरामके साथ साकेतधाम सिधारे थे, उसी प्रकार भगवान् श्रीकृष्ण उन सबको योगिदुर्लभ गोलोकधामको ले गये॥ ८५॥

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