उसे सब ओर फल, पुष्प, पत्र और चँदोवेसे अलंकृत करे तथा चारों ओर झंडियाँ लगाकर तरह-तरहके सामानोंसे सजा दे॥ १५॥✎ 1271
फलपुष्पदलैर्विष्वग्वितानेन विराजितः।
चतुर्दिक्षु ध्वजारोपो बहुसम्पद्विराजितः॥ १५
उसे सब ओर फल, पुष्प, पत्र और चँदोवेसे अलंकृत करे तथा चारों ओर झंडियाँ लगाकर तरह-तरहके सामानोंसे सजा दे॥ १५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.6.15 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 71) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/6/15/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
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