श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.39

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

कथाविरामः कर्तव्यो मध्याह्ने घटिकाद्वयम्।

तत्कथामनु कार्यं वै कीर्तनं वैष्णवैस्तदा॥ ३९

kathāvirāmaḥ kartavyo madhyāhne ghaṭikādvayam|

tatkathāmanu kāryaṃ vai kīrtanaṃ vaiṣṇavaistadā|| 39

अर्थ

दोपहरके समय दो घड़ीतक कथा बंद रखे। उस समय कथाके प्रसंगके अनुसार वैष्णवोंको भगवान्‌के गुणोंका कीर्तन करना चाहिये—व्यर्थ बातें नहीं करनी चाहिये॥ ३९॥

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