श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.1.22

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

आत्मा तु राधिका तस्य तयैव रमणादसौ।

आत्मारामतया प्राज्ञैः प्रोच्यते गूढवेदिभिः॥ २२

ātmā tu rādhikā tasya tayaiva ramaṇādasau|

ātmārāmatayā prājñaiḥ procyate gūḍhavedibhiḥ|| 22

अर्थ

भगवान् श्रीकृष्णकी आत्मा हैं—राधिका; उनसे रमण करनेके कारण ही रहस्यरसके मर्मज्ञ ज्ञानी पुरुष उन्हें ‘आत्माराम’ कहते हैं॥ २२॥

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