श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.1.27

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

युवयोर्गोचरेयं तु तल्लीला व्यावहारिकी।

यत्र भूरादयो लोका भुवि माथुरमण्डलम्॥ २७

yuvayorgocareyaṃ tu tallīlā vyāvahārikī|

yatra bhūrādayo lokā bhuvi māthuramaṇḍalam|| 27

अर्थ

तुम दोनों भगवान्‌की जिस लीलाको देख रहे हो, यह व्यावहारिकी लीला है। यह पृथ्वी और स्वर्ग आदि लोक इसी लीलाके अन्तर्गत हैं। इसी पृथ्वीपर यह मथुरामण्डल है॥ २७॥

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