रोहिणी आदि श्रीकृष्ण-पत्नियोंने भी सम्राट् परीक्षित्का अत्यन्त सम्मान किया। वे विश्राम करके जब आरामसे बैठ गये, तब उन्होंने वज्रनाभसे यह बात कही॥ ८॥
ताभिः संमानितोऽत्यर्थं परीक्षित् पृथिवीपतिः।
विश्रान्तः सुखमासीनो वज्रनाभमुवाच ह॥ ८
रोहिणी आदि श्रीकृष्ण-पत्नियोंने भी सम्राट् परीक्षित्का अत्यन्त सम्मान किया। वे विश्राम करके जब आरामसे बैठ गये, तब उन्होंने वज्रनाभसे यह बात कही॥ ८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण POST.1.8 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 984) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/skanda/1/8/