श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.2.6

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

गोविन्दहरिदेवादिस्वरूपारोपणेन च।

कृष्णैकभक्तिं स्वे राज्ये ततान च मुमोद ह॥ ६

govindaharidevādisvarūpāropaṇena ca|

kṛṣṇaikabhaktiṃ sve rājye tatāna ca mumoda ha|| 6

अर्थ

गोविन्ददेव, हरिदेव आदि नामोंसे भगवद्विग्रह स्थापित किये। इन सब शुभ कर्मोंके द्वारा वज्रनाभने अपने राज्यमें सब ओर एकमात्र श्रीकृष्णभक्तिका प्रचार किया और बड़े ही आनन्दित हुए॥ ६॥

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