श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.11

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

स तु कालो व्यतिक्रान्तस्तेनेदमपरं शृणु।

अन्यदा तत्प्रकाशस्तु श्रीमद्भागवताद् भवेत्॥ ११

sa tu kālo vyatikrāntastenedamaparaṃ śṛṇu|

anyadā tatprakāśastu śrīmadbhāgavatād bhavet|| 11

अर्थ

किन्तु अब वह समय तो बीत गया; इसलिये उनके प्रकाशकी प्राप्तिके लिये अब दूसरा उपाय बतलाया जा रहा है, सुनो। अट्ठाईसवें द्वापरके अतिरिक्त समयमें यदि कोई श्रीकृष्णतत्त्वका प्रकाश पाना चाहे तो उसे वह श्रीमद्भागवतसे ही प्राप्त हो सकता है॥ ११॥

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