श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.12

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

श्रीमद्भागवतं शास्त्रं यत्र भागवतैर्यदा।

कीर्त्यते श्रूयते चापि श्रीकृष्णस्तत्र निश्‍चितम्॥ १२

śrīmadbhāgavataṃ śāstraṃ yatra bhāgavatairyadā|

kīrtyate śrūyate cāpi śrīkṛṣṇastatra niścitam|| 12

अर्थ

भगवान्‌के भक्त जहाँ जब कभी श्रीमद्भागवत शास्त्रका कीर्तन और श्रवण करते हैं, वहाँ उस समय भगवान् श्रीकृष्ण साक्षात् रूपसे विराजमान रहते हैं॥ १२॥

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