श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.20

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

आख्यायिकां च तेनोक्तां विष्णुरात निबोध ताम्।

ज्ञायते सम्प्रदायोऽपि यत्र भागवतश्रुतेः॥ २०

ākhyāyikāṃ ca tenoktāṃ viṣṇurāta nibodha tām|

jñāyate sampradāyo'pi yatra bhāgavataśruteḥ|| 20

अर्थ

परीक्षित्! बृहस्पतिजीने मुझे एक आख्यायिका भी सुनायी थी, उसे तुम सुनो। इस आख्यायिकासे श्रीमद्भागवतश्रवणके सम्प्रदायका क्रम भी जाना जा सकता है॥ २०॥

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