ब्रह्माजीने कहा—परमात्मन्! आप नार अर्थात् जलमें शयन करनेके कारण ‘नारायण’ नामसे प्रसिद्ध हैं, सबके आदि कारण होनेसे आदिपुरुष हैं; आपको नमस्कार है॥ २३॥
नारायणादिपुरुष परमात्मन् नमोऽस्तु ते॥ २३
ब्रह्माजीने कहा—परमात्मन्! आप नार अर्थात् जलमें शयन करनेके कारण ‘नारायण’ नामसे प्रसिद्ध हैं, सबके आदि कारण होनेसे आदिपुरुष हैं; आपको नमस्कार है॥ २३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण POST.3.23 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 996) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/skanda/3/23/