श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.24

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

त्वया सर्गे नियुक्तोऽस्मि पापीयान् मां रजोगुणः।

त्वत्स्मृतौ नैव बाधेत तथैव कृपया प्रभो॥ २४

tvayā sarge niyukto'smi pāpīyān māṃ rajoguṇaḥ|

tvatsmṛtau naiva bādheta tathaiva kṛpayā prabho|| 24

अर्थ

प्रभो! आपने मुझे सृष्टिकर्ममें लगाया है, मगर मुझे भय है कि सृष्टिकालमें अत्यन्त पापात्मा रजोगुण आपकी स्मृतिमें कहीं बाधा न डालने लग जाय। अतः कृपा करके ऐसी कोई बात बतायें, जिससे आपकी याद बराबर बनी रहे॥ २४॥

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