भगवन्! अपार समुद्रमें कर्णधारके समान आप ही हमारे पारदर्शक हैं।’ तब भगवान्के परमभक्त भगवन्मय देवर्षि नारदने कहा—॥ ३९॥✎ 91
कर्णधार इवापारे भगवान् पारदर्शकः।
अथाबभाषे भगवान् नारदो मुनिसत्तमः॥ ३९
भगवन्! अपार समुद्रमें कर्णधारके समान आप ही हमारे पारदर्शक हैं।’ तब भगवान्के परमभक्त भगवन्मय देवर्षि नारदने कहा—॥ ३९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.13.39 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 143) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/13/39/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)