॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 1.14.33
अपि स्वस्त्यासते सर्वे रामकृष्णभुजाश्रयाः।
अपि स्मरन्ति कुशलमस्माकं बद्धसौहृदाः॥ ३३
api svastyāsate sarve rāmakṛṣṇabhujāśrayāḥ|
api smaranti kuśalamasmākaṃ baddhasauhṛdāḥ|| 33
अर्थ
भगवान् श्रीकृष्णके सेवक श्रुतदेव, उद्धव आदि और दूसरे सुनन्द-नन्द आदि प्रधान यदुवंशी, जो भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामके बाहुबलसे सुरक्षित हैं, सब-के-सब सकुशल हैं न? हमसे अत्यन्त प्रेम करनेवाले वे लोग कभी हमारा कुशल-मंगल भी पूछते हैं?॥ ३२-३३॥