rāmaṃ ca rohiṇī devī krīḍantaṃ bālakairbhṛśam|| 12
अर्थ
तदनन्तर एक दिन यमलार्जुन वृक्षको तोड़नेवाले श्रीकृष्ण और बलराम बालकोंके साथ खेलते-खेलते यमुनातटपर चले गये और खेलमें ही रम गये, तब रोहिणीदेवीने उन्हें पुकारा ‘ओ कृष्ण! ओ बलराम! जल्दी आओ’॥ १२॥✎ 1413
सरित्तीरगतं कृष्णं भग्नार्जुनमथाह्वयत्।
रामं च रोहिणी देवी क्रीडन्तं बालकैर्भृशम्॥ १२
तदनन्तर एक दिन यमलार्जुन वृक्षको तोड़नेवाले श्रीकृष्ण और बलराम बालकोंके साथ खेलते-खेलते यमुनातटपर चले गये और खेलमें ही रम गये, तब रोहिणीदेवीने उन्हें पुकारा ‘ओ कृष्ण! ओ बलराम! जल्दी आओ’॥ १२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.11.12 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 197) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/11/12/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)