यह तो मैं तुमसे कह ही चुका हूँ कि भगवान् श्रीकृष्णने अपने साथी ग्वालबालोंको मृत्युरूप अघासुरके मुँहसे बचा लिया। इसके बाद वे उन्हें यमुनाके पुलिनपर ले आये और उनसे कहने लगे—॥ ४॥✎ 2066
तथाघवदनान्मृत्यो रक्षित्वा वत्सपालकान्।
सरित्पुलिनमानीय भगवानिदमब्रवीत्॥ ४
यह तो मैं तुमसे कह ही चुका हूँ कि भगवान् श्रीकृष्णने अपने साथी ग्वालबालोंको मृत्युरूप अघासुरके मुँहसे बचा लिया। इसके बाद वे उन्हें यमुनाके पुलिनपर ले आये और उनसे कहने लगे—॥ ४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.13.4 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 211) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/13/4/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)