श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.14.42

दशम स्कन्ध · अध्याय 14 · अथ चतुर्दशोऽध्यायः

ततोऽनुज्ञाप्य भगवान् स्वभुवं प्रागवस्थितान्।

वत्सान् पुलिनमानिन्ये यथापूर्वसखं स्वकम्॥ ४२

tato'nujñāpya bhagavān svabhuvaṃ prāgavasthitān|

vatsān pulinamāninye yathāpūrvasakhaṃ svakam|| 42

अर्थ

ब्रह्माजीने बछड़ों और ग्वालबालोंको पहले ही यथास्थान पहुँचा दिया था। भगवान् श्रीकृष्णने ब्रह्माजीको विदा कर दिया और बछड़ोंको लेकर यमुनाजीके पुलिनपर आये, जहाँ वे अपने सखा ग्वालबालोंको पहले छोड़ गये थे॥ ४२॥

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