इस समय मेरा वह अंश जिसे शेष कहते हैं, देवकीके उदरमें गर्भ रूपसे स्थित है। उसे वहाँसे निकालकर तुम रोहिणीके पेटमें रख दो॥ ८॥
देवक्या जठरे गर्भं शेषाख्यं धाम मामकम्।
तत् संनिकृष्य रोहिण्या उदरे संनिवेशय॥ ८
इस समय मेरा वह अंश जिसे शेष कहते हैं, देवकीके उदरमें गर्भ रूपसे स्थित है। उसे वहाँसे निकालकर तुम रोहिणीके पेटमें रख दो॥ ८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.2.8 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 129) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/2/8/