कल्याणी! अब मैं अपने समस्त ज्ञान, बल आदि अंशोंके साथ देवकीका पुत्र बनूँगा और तुम नन्दबाबाकी पत्नी यशोदाके गर्भसे जन्म लेना॥ ९॥
अथाहमंशभागेन देवक्याः पुत्रतां शुभे।
प्राप्स्यामि त्वं यशोदायां नन्दपत्न्यां भविष्यसि॥ ९
कल्याणी! अब मैं अपने समस्त ज्ञान, बल आदि अंशोंके साथ देवकीका पुत्र बनूँगा और तुम नन्दबाबाकी पत्नी यशोदाके गर्भसे जन्म लेना॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.2.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 129) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/2/9/