श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.3.29

दशम स्कन्ध · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

जन्म ते मय्यसौ पापो मा विद्यान्मधुसूदन।

समुद्विजे भवद्धेतोः कंसादहमधीरधीः॥ २९

janma te mayyasau pāpo mā vidyānmadhusūdana|

samudvije bhavaddhetoḥ kaṃsādahamadhīradhīḥ|| 29

अर्थ

मधुसूदन! इस पापी कंसको यह बात मालूम न हो कि आपका जन्म मेरे गर्भसे हुआ है। मेरा धैर्य टूट रहा है। आपके लिये मैं कंससे बहुत डर रही हूँ॥ २९॥

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