श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.4.29

दशम स्कन्ध · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

तस्यां रात्र्यां व्यतीतायां कंस आहूय मन्त्रिणः।

तेभ्य आचष्ट तत् सर्वं यदुक्तं योगनिद्रया॥ २९

tasyāṃ rātryāṃ vyatītāyāṃ kaṃsa āhūya mantriṇaḥ|

tebhya ācaṣṭa tat sarvaṃ yaduktaṃ yoganidrayā|| 29

अर्थ

वह रात्रि बीत जानेपर कंसने अपने मन्त्रियोंको बुलाया और योगमायाने जो कुछ कहा था, वह सब उन्हें कह सुनाया॥ २९॥

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