श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.43.13

दशम स्कन्ध · अध्याय 43 · अथ त्रिचत्वारिंशोऽध्यायः

तमापतन्तमासाद्य भगवान् मधुसूदनः।

निगृह्य पाणिना हस्तं पातयामास भूतले॥ १३

tamāpatantamāsādya bhagavān madhusūdanaḥ|

nigṛhya pāṇinā hastaṃ pātayāmāsa bhūtale|| 13

अर्थ

भगवान् मधुसूदनने जब उसे अपनी ओर झपटते देखा, तब उसके पास चले गये और अपने एक ही हाथसे उसकी सूँड़ पकड़कर उसे धरतीपर पटक दिया॥ १३॥

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