पृश्निगर्भ तेरी बुद्धिकी और परमात्मा भगवान् तेरे अहंकारकी रक्षा करें। खेलते समय गोविन्द रक्षा करें, सोते समय माधव रक्षा करें॥ २५॥
पृश्निगर्भस्तु ते बुद्धिमात्मानं भगवान् परः।
क्रीडन्तं पातु गोविन्दः शयानं पातु माधवः॥ २५
पृश्निगर्भ तेरी बुद्धिकी और परमात्मा भगवान् तेरे अहंकारकी रक्षा करें। खेलते समय गोविन्द रक्षा करें, सोते समय माधव रक्षा करें॥ २५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.6.25 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 159) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/6/25/