उन्होंने भारसे पीड़ित होकर श्रीकृष्णको पृथ्वीपर बैठा दिया। इस नयी घटनासे वे अत्यन्त चकित हो रही थीं। इसके बाद उन्होंने भगवान् पुरुषोत्तमका स्मरण किया और घरके काममें लग गयीं॥ १९॥✎ 2061
भूमौ निधाय तं गोपी विस्मिता भारपीडिता।
महापुरुषमादध्यौ जगतामास कर्मसु॥ १९
उन्होंने भारसे पीड़ित होकर श्रीकृष्णको पृथ्वीपर बैठा दिया। इस नयी घटनासे वे अत्यन्त चकित हो रही थीं। इसके बाद उन्होंने भगवान् पुरुषोत्तमका स्मरण किया और घरके काममें लग गयीं॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.7.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 164) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/7/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)