व्रजराज! पहले युगकी बात है। एक बार पृथ्वीमें कोई राजा नहीं रह गया था। डाकुओंने चारों ओर लूट-खसोट मचा रखी थी। तब तुम्हारे इसी पुत्रने सज्जन पुरुषोंकी रक्षा की और इससे बल पाकर उन लोगोंने लुटेरोंपर विजय प्राप्त की॥ १७॥
पुरानेन व्रजपते साधवो दस्युपीडिताः।
अराजके रक्ष्यमाणा जिग्युर्दस्यून् समेधिताः॥ १७
व्रजराज! पहले युगकी बात है। एक बार पृथ्वीमें कोई राजा नहीं रह गया था। डाकुओंने चारों ओर लूट-खसोट मचा रखी थी। तब तुम्हारे इसी पुत्रने सज्जन पुरुषोंकी रक्षा की और इससे बल पाकर उन लोगोंने लुटेरोंपर विजय प्राप्त की॥ १७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.8.17 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 169) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/8/17/