श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.8.35

दशम स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

श्रीकृष्ण उवाच

नाहं भक्षितवानम्ब सर्वे मिथ्याभिशंसिनः।

यदि सत्यगिरस्तर्हि समक्षं पश्य मे मुखम्॥ ३५

nāhaṃ bhakṣitavānamba sarve mithyābhiśaṃsinaḥ|

yadi satyagirastarhi samakṣaṃ paśya me mukham|| 35

अर्थ

भगवान् श्रीकृष्णने कहा—‘मा! मैंने मिट्टी नहीं खायी। ये सब झूठ बक रहे हैं। यदि तुम इन्हींकी बात सच मानती हो तो मेरा मुँह तुम्हारे सामने ही है, तुम अपनी आँखोंसे देख लो॥ ३५॥✎ 1408

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1408 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): ‘माँ! → ‘मा!

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