tvaṃ hi brahmavidāṃ śreṣṭhaḥ saṃskārān kartumarhasi|
bālayoranayornṝṇāṃ janmanā brāhmaṇo guruḥ|| 6
अर्थ
आप ब्रह्मवेत्ताओंमें श्रेष्ठ हैं। इसलिये मेरे इन दोनों बालकोंके नामकरणादि संस्कार आप ही कर दीजिये; क्योंकि ब्राह्मण जन्मसे ही मनुष्यमात्रका गुरु है’॥ ६॥
त्वं हि ब्रह्मविदां श्रेष्ठः संस्कारान् कर्तुमर्हसि।
बालयोरनयोर्नॄणां जन्मना ब्राह्मणो गुरुः॥ ६
आप ब्रह्मवेत्ताओंमें श्रेष्ठ हैं। इसलिये मेरे इन दोनों बालकोंके नामकरणादि संस्कार आप ही कर दीजिये; क्योंकि ब्राह्मण जन्मसे ही मनुष्यमात्रका गुरु है’॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.8.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 168) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/8/6/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1141 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): बालयोरनयोर्नृणां → बालयोरनयोर्नॄणां