श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.86.36

दशम स्कन्ध · अध्याय 86 · अथ षडशीतितमोऽध्यायः

दिनानि कतिचिद् भूमन् गृहान् नो निवस द्विजैः।

समेतः पादरजसा पुनीहीदं निमेः कुलम्॥ ३६

dināni katicid bhūman gṛhān no nivasa dvijaiḥ|

sametaḥ pādarajasā punīhīdaṃ nimeḥ kulam|| 36

अर्थ

एकरस अनन्त! आप कुछ दिनोंतक मुनिमण्डलीके साथ हमारे यहाँ निवास कीजिये और अपने चरणोंकी धूलसे इस निमिवंशको पवित्र कीजिये’॥ ३६॥

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