इस विषयमें महात्मालोग एक प्राचीन इतिहास कहा करते हैं। भगवान् शंकर एक बार वृकासुरको वर देकर संकटमें पड़ गये थे॥ १३॥
अत्र चोदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
वृकासुराय गिरिशो वरं दत्त्वाऽऽप संकटम्॥ १३
इस विषयमें महात्मालोग एक प्राचीन इतिहास कहा करते हैं। भगवान् शंकर एक बार वृकासुरको वर देकर संकटमें पड़ गये थे॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.88.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 689) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/88/13/