उस समय उनके चेहरे फीके पड़ गये थे। मुख कुम्हला गये थे। उन्होंने भरी सभामें सब यादवोंके सामने ले जाकर वह मूसल रख दिया और राजा उग्रसेनसे सारी घटना कह सुनायी॥ १९॥
तच्चोपनीय सदसि परिम्लानमुखश्रियः।
राज्ञ आवेदयांचक्रुः सर्वयादवसन्निधौ॥ १९
उस समय उनके चेहरे फीके पड़ गये थे। मुख कुम्हला गये थे। उन्होंने भरी सभामें सब यादवोंके सामने ले जाकर वह मूसल रख दिया और राजा उग्रसेनसे सारी घटना कह सुनायी॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.1.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 712) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/1/19/