श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.11.26

एकादश स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

उद्धव उवाच

साधुस्तवोत्तमश्‍लोक मतः कीदृग्विधः प्रभो।

भक्तिस्त्वय्युपयुज्येत कीदृशी सद्भिरादृता॥ २६

sādhustavottamaśloka mataḥ kīdṛgvidhaḥ prabho|

bhaktistvayyupayujyeta kīdṛśī sadbhirādṛtā|| 26

अर्थ

उद्धवजीने पूछा—भगवन्! बड़े-बड़े संत आपकी कीर्तिका गान करते हैं। आप कृपया बतलाइये कि आपके विचारसे संत पुरुषका क्या लक्षण है? आपके प्रति कैसी भक्ति करनी चाहिये, जिसका संतलोग आदर करते हैं?॥ २६॥

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