brahmāṇamagrataḥ kṛtvā papracchuḥ ko bhavāniti|| 20
अर्थ
मुझे देखकर सनकादि ब्रह्माजीको आगे करके मेरे पास आये और उन्होंने मेरे चरणोंकी वन्दना करके मुझसे पूछा कि ‘आप कौन हैं?’॥ २०॥
दृष्ट्वा मां त उपव्रज्य कृत्वा पादाभिवन्दनम्।
ब्रह्माणमग्रतः कृत्वा पप्रच्छुः को भवानिति॥ २०
मुझे देखकर सनकादि ब्रह्माजीको आगे करके मेरे पास आये और उन्होंने मेरे चरणोंकी वन्दना करके मुझसे पूछा कि ‘आप कौन हैं?’॥ २०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.13.20 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 794) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/13/20/