श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.19.28

एकादश स्कन्ध · अध्याय 19 · अथैकोनविंशोऽध्यायः

उद्धव उवाच

यमः कतिविधः प्रोक्तो नियमो वारिकर्शन।

कः शमः को दमः कृष्ण का तितिक्षा धृतिः प्रभो॥ २८

yamaḥ katividhaḥ prokto niyamo vārikarśana|

kaḥ śamaḥ ko damaḥ kṛṣṇa kā titikṣā dhṛtiḥ prabho|| 28

अर्थ

उद्धवजीने कहा—रिपुसूदन! यम और नियम कितने प्रकारके हैं? श्रीकृष्ण! शम क्या है? दम क्या है? प्रभो! तितिक्षा और धैर्य क्या है?॥ २८॥

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