श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.30.39

एकादश स्कन्ध · अध्याय 30 · अथ त्रिंशोऽध्यायः

श्रीभगवानुवाच

मा भैर्जरे त्वमुत्तिष्ठ काम एष कृतो हि मे।

याहि त्वं मदनुज्ञातः स्वर्गं सुकृतिनां पदम्॥ ३९

mā bhairjare tvamuttiṣṭha kāma eṣa kṛto hi me|

yāhi tvaṃ madanujñātaḥ svargaṃ sukṛtināṃ padam|| 39

अर्थ

भगवान् श्रीकृष्णने कहा—हे जरे! तू डर मत, उठ-उठ! यह तो तूने मेरे मनका काम किया है। जा, मेरी आज्ञासे तू उस स्वर्गमें निवास कर, जिसकी प्राप्ति बड़े-बड़े पुण्यवानोंको होती है॥ ३९॥

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