देवकी, रोहिणी और वसुदेवजी अपने प्यारे पुत्र श्रीकृष्ण और बलरामको न देखकर शोककी पीड़ासे बेहोश हो गये॥ १८॥✎ 17761777
देवकी रोहिणी चैव वसुदेवस्तथा सुतौ।
कृष्णरामावपश्यन्तः शोकार्ता विजहुः स्मृतिम्॥ १८
देवकी, रोहिणी और वसुदेवजी अपने प्यारे पुत्र श्रीकृष्ण और बलरामको न देखकर शोककी पीड़ासे बेहोश हो गये॥ १८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.31.18 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 905) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/31/18/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)