श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.5.19

एकादश स्कन्ध · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

राजोवाच

कस्मिन् काले स भगवान् किं वर्णः कीदृशो नृभिः।

नाम्‍ना वा केन विधिना पूज्यते तदिहोच्यताम्॥ १९

kasmin kāle sa bhagavān kiṃ varṇaḥ kīdṛśo nṛbhiḥ|

nāmnā vā kena vidhinā pūjyate tadihocyatām|| 19

अर्थ

राजा निमिने पूछा—योगीश्‍वरो! आपलोग कृपा करके यह बतलाइये कि भगवान् किस समय किस रंगका, कौन-सा आकार स्वीकार करते हैं और मनुष्य किन नामों और विधियोंसे उनकी उपासना करते हैं॥ १९॥

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