svātmopaśikṣitāṃ buddhiṃ śṛṇu me vadataḥ prabho|| 24
अर्थ
राजन्! इस प्रकार मैंने इतने गुरुओंसे ये शिक्षाएँ ग्रहण कीं। अब मैंने अपने शरीरसे जो कुछ सीखा है, वह तुम्हें बताता हूँ, सावधान होकर सुनो॥ २४॥
एवं गुरुभ्य एतेभ्य एषा मे शिक्षिता मतिः।
स्वात्मोपशिक्षितां बुद्धिं शृणु मे वदतः प्रभो॥ २४
राजन्! इस प्रकार मैंने इतने गुरुओंसे ये शिक्षाएँ ग्रहण कीं। अब मैंने अपने शरीरसे जो कुछ सीखा है, वह तुम्हें बताता हूँ, सावधान होकर सुनो॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.9.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 772) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/9/24/