भगवान्की शक्तिसे ही कालने तीनों गुणोंमें क्षोभ उत्पन्न कर दिया, स्वभावने उन्हें रूपान्तरित कर दिया और कर्मने महत्तत्त्वको जन्म दिया॥ २२॥✎ 137138
कालाद् गुणव्यतिकरः परिणामः स्वभावतः।
कर्मणो जन्म महतः पुरुषाधिष्ठितादभूत्॥ २२
भगवान्की शक्तिसे ही कालने तीनों गुणोंमें क्षोभ उत्पन्न कर दिया, स्वभावने उन्हें रूपान्तरित कर दिया और कर्मने महत्तत्त्वको जन्म दिया॥ २२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 2.5.22 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 201) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/2/5/22/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)