श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.11.34

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

पूर्वस्यादौ परार्धस्य ब्राह्मो नाम महानभूत्।

कल्पो यत्राभवद्ब्रह्मा शब्दब्रह्मेति यं विदुः॥ ३४

pūrvasyādau parārdhasya brāhmo nāma mahānabhūt|

kalpo yatrābhavadbrahmā śabdabrahmeti yaṃ viduḥ|| 34

अर्थ

पूर्व परार्धके आरम्भमें ब्राह्म नामक महान् कल्प हुआ था। उसीमें ब्रह्माजीकी उत्पत्ति हुई थी। पण्डितजन इन्हें शब्दब्रह्म कहते हैं॥ ३४॥

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