हम उन्हीं निखिलजगन्नियन्ता शार्ङ्गपाणि भगवान् विष्णुके सेवक हैं और आपको भगवान्के धाममें ले जानेके लिये यहाँ आये हैं॥ २४॥✎ 3821326
तस्याखिलजगद्धातुरावां देवस्य शार्ङ्गिणः।
पार्षदाविह सम्प्राप्तौ नेतुं त्वां भगवत्पदम्॥ २४
हम उन्हीं निखिलजगन्नियन्ता शार्ङ्गपाणि भगवान् विष्णुके सेवक हैं और आपको भगवान्के धाममें ले जानेके लिये यहाँ आये हैं॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.12.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 470) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/12/24/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)