श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.19.42

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 19 · अथैकोनविंशोऽध्यायः

त्वयाऽऽहूता महाबाहो सर्व एव समागताः।

पूजिता दानमानाभ्यां पितृदेवर्षिमानवाः॥ ४२

tvayā''hūtā mahābāho sarva eva samāgatāḥ|

pūjitā dānamānābhyāṃ pitṛdevarṣimānavāḥ|| 42

अर्थ

वे कहने लगे, ‘महाबाहो! आपके बुलानेसे जो पितर, देवता, ऋषि और मनुष्यादि आये थे, उन सभीका आपने दान-मानसे खूब सत्कार किया’॥ ४२॥

इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां चतुर्थस्कन्धे पृथुविजये एकोनविंशोऽध्यायः॥ १९॥

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