॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 4.19.6
कपिलो नारदो दत्तो योगेशाः सनकादयः।
तमन्वीयुर्भागवता ये च तत्सेवनोत्सुकाः॥ ६
kapilo nārado datto yogeśāḥ sanakādayaḥ|
tamanvīyurbhāgavatā ye ca tatsevanotsukāḥ|| 6
अर्थ
सिद्ध, विद्याधर, दैत्य, दानव, यक्ष, सुनन्द-नन्दादि भगवान्के प्रमुख पार्षद और जो सर्वदा भगवान्की सेवाके लिये उत्सुक रहते हैं—वे कपिल, नारद, दत्तात्रेय एवं सनकादि योगेश्वर भी उनके साथ आये थे॥ ५-६॥✎ 401