भगवान् पधारे हैं—यह देखकर इन्द्र, ब्रह्मा और महादेवजी आदि देवेश्वरोंसहित समस्त देवता, गन्धर्व और ऋषि आदिने सहसा खड़े होकर उन्हें प्रणाम किया॥ २२॥✎ 363
तमुपागतमालक्ष्य सर्वे सुरगणादयः।
प्रणेमुः सहसोत्थाय ब्रह्मेन्द्रत्र्यक्षनायकाः॥ २२
भगवान् पधारे हैं—यह देखकर इन्द्र, ब्रह्मा और महादेवजी आदि देवेश्वरोंसहित समस्त देवता, गन्धर्व और ऋषि आदिने सहसा खड़े होकर उन्हें प्रणाम किया॥ २२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.7.22 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 436) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/7/22/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)