nūnaṃ veda bhavān yasya durlabhe'rthe manorathaḥ|| 12
अर्थ
तू अभी नादान है, तुझे पता नहीं है कि तूने किसी दूसरी स्त्रीके गर्भसे जन्म लिया है; तभी तो ऐसे दुर्लभ विषयकी इच्छा कर रहा है॥ १२॥
बालोऽसि बत नात्मानमन्यस्त्रीगर्भसम्भृतम्।
नूनं वेद भवान् यस्य दुर्लभेऽर्थे मनोरथः॥ १२
तू अभी नादान है, तुझे पता नहीं है कि तूने किसी दूसरी स्त्रीके गर्भसे जन्म लिया है; तभी तो ऐसे दुर्लभ विषयकी इच्छा कर रहा है॥ १२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.8.12 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 444) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/8/12/