श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.8.69

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

सुदुष्करं कर्म कृत्वा लोकपालैरपि प्रभुः।

एष्यत्यचिरतो राजन् यशो विपुलयंस्तव॥ ६९

suduṣkaraṃ karma kṛtvā lokapālairapi prabhuḥ|

eṣyatyacirato rājan yaśo vipulayaṃstava|| 69

अर्थ

वह बालक बड़ा समर्थ है। जिस कामको बड़े-बड़े लोकपाल भी नहीं कर सके, उसे पूरा करके वह शीघ्र ही तुम्हारे पास लौट आयेगा। उसके कारण तुम्हारा यश भी बहुत बढ़ेगा॥ ६९॥

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