श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.10.16

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

वैरोचनो बलिः संख्ये सोऽसुराणां चमूपतिः।

यानं वैहायसं नाम कामगं मयनिर्मितम्॥ १६

vairocano baliḥ saṃkhye so'surāṇāṃ camūpatiḥ|

yānaṃ vaihāyasaṃ nāma kāmagaṃ mayanirmitam|| 16

अर्थ

परीक्षित्! रणभूमिमें दैत्योंके सेनापति विरोचनपुत्र बलि मय दानवके बनाये हुए वैहायस नामक विमानपर सवार हुए। वह विमान चलानेवालेकी जहाँ इच्छा होती थी, वहीं चला जाता था॥ १६॥

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